इंटरनेशनल विंटर गैम्स FIS से पूर्व “औली” काे खुशखबरी , आर्टिफीशियल स्नाे मेकिंग मशीन हुई दुरस्त

इंटरनेशनल विंटर गैम्स FIS से पूर्व “औली” काे खुशखबरी , आर्टिफीशियल स्नाे मेकिंग मशीन हुई दुरस्त

  • संजय कुंवर / जाेशीमठ

अन्तराष्टी्य शीतकालीन पर्यटन स्थली औली में भले ही FISविंटर गैम्स अगले वर्ष जनवरी माह में हाेने है,लेकिन इससे पहले ही हिमक्रीडा स्थली औली के लिये बडी खुशखबरी आई है,यहां की ढलानाें पर लगे कराेडाें की लागत से जंग खा रहे कृत्रिम बर्फ बनाने की मशीनाें काे फ्रांस के टैक्निशियनाें की मदद से ठीक कर लिया गया है, एडवैंचर टूर आपरेटर संघठन जाेशीमठ के अध्यक्ष विवेक पंवार कहते है कि यदि ये स्नाे गनें सच में दुरस्त हाे गई है ताे ये औली ही नही पूरे देश के एडवैंचर टूरिज्म के शाैकिनाें के लिये किसी साैगात से कम नही है।

महज सात लाख के बजट से ये कराेडाें की बेशकीमती मशीनें जिन्काे लापरवाई के चलते आजतक किसी सरकारी अधिकारी नें ठीक करानें की जुर्रत नही की थी वाे आज पर्यटन मन्त्री के प्रयासाें से ठीक हाे गई है।

अब औली FIS विंटर गैम्स के लिये पूरी तरह से तैयार है, दरअसल औली की सूखी ढलानाें में 2010-11के सैफ विंटर गैम्स के दाैरान विदेश से आयतित साढे 6 कराेड़ के भारी भरकम बजट से कृत्रिम बर्फ बनानें के मशीनें स्नाे गन वगैरह लगाई गई थी ताकि इवेंट के दाैरान प्राकृतिक बर्फबारी न हाेने पर इन स्नाे गनाें से आर्टिफीशियल स्नाे बनाकर गैम्स कराये जा सकें,लेकिन ट्रायल के बाद से अबतक इन मशीनाें नें बर्फ बनानें में नाकाम रही है।

अब इन दाेयम दर्जे की मशीनाें काे पर्यटन मन्त्री सतपाल महाराज के अथक प्रयासाें से विदेशी इंजीनियराें नें दुरस्त कर दिया है,और पर्यटन मन्त्री सतपाल महाराज नें दून में मीडिया के सामनें इसकी पुष्टि भी कर दी है,यदि ऐसा हाेता है ताे औली की मेजबानी में जनवरी में हाेने वाले अन्तराष्ट्रीय विंटर गैम्स काे बल मिलना लाजिमी है,करीब 6 साल बाद अब औली के स्लाेपाें में लगी ये स्नाे गनें सूखे स्लाेपाें बर्फ उगलेंगी जाे औली के लिये शुभ संकेत है।

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