उत्तरकाशी: प्रशासन की अनदेखी , सिंचित भूमि सहित दर्जनों आवासीय भवनों को बढा खतरा

उत्तरकाशी: प्रशासन की अनदेखी , सिंचित भूमि सहित दर्जनों आवासीय भवनों को बढा खतरा

टर्नल निर्माण से भूमि को बढा खतरा, मकानों में आयी दरारें
बड़कोट। चार धाम रोड़ के लिए निर्माणाधीन टर्नल आम लोगों के लिए धीरे धीरे परेशानी का सबब बनती जा रही है। मुख्य नाले (गदेरे) को बन्द करने से बड़कोट गांव , पौलगांव और नगेड़ा तोक के निवासियों की सिचिंत भूमि बरसात में बहने का अन्देशा सताने लगा है। टर्नल पर हो रही भारी ब्लास्ंिटग से आधा दर्जन परिवारों के आवासीय भवनों पर मोटी मोटी दरारें आने से बेघर होने की स्थिति बनी गयी है। ग्रामीणों ने मुख्यमन्त्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्यदायी संस्था के खिलाफ जांच कराते हुए कार्यवाही की मांग की है। इधर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अनुपमा रावत ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कर रही सुरंग कम्पनी गजा पर अनदेखी का अरोप लगाया है।
गौरतलब है कि यमुनोत्री नेशलन हाईवे पर पौलगांव से सिलक्यारा तक बन रही टर्नल (सुंरग) से निकलने वाला चट्टानी मलवा धीरे धीरे परेशानी का सबब बनता जा रहा है । निर्माण कर रही सुंरग कम्पनी चट्टानी मलवे को सीधे गदेरे में डालकर बन्द कर रही है। जिससे आने वाले बरसात में सैकड़ो हैक्टियर सिचिंत भूमि के तबाह होने का अन्देशा ग्रामीणों को सताने लगा है। नगेड़ा तोक निवासी प्रकाश भण्डारी , रणवीर भण्डारी, कुवर सिंह , सोबत सिंह , किशन सिंह , दयाल सिंह , ममलेश सिंह , विजय सिंह , मनोज आदि का कहना है कि सुंरग के मलवे से नाले को डम्पिंग जाॅन बनाकर भारी मलवा डाला जा रहा है जो भविष्य में बरसात के समय सारी भूमि को तबाह कर सकता है और तो और सुंरग निर्माण में अत्यधिक ब्लास्ंिटग की जा रही है जिससे रात को सोना दूबर हो रखा है और आवासीय भवनों पर मोटी मोटी दरारे आ गयी है जो अब रहने लायक भी नही रहा । हल्की तिब्रता के भूकम्प आते ही आवासीय भवन भर भर गिरने का खतरा बना हुआ है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आलवदैर रोड़ का मलवा सीधे मकानों के अपर आ रहा है जो भविष्य के लिए खतरा बन गया है। विघुत लाईन क्षतिग्रस्त हो रखी है । ग्रामीणों ने मुख्यमन्त्री और जिलाधिकारी से जांच कर कार्यवाही की मांग की है। नगर पालिकाध्यक्ष श्रीमती अनुपमा रावत ने कहा कि स्थानीय लोगो की शिकायत पर रविवार को पौलगांव के पास बन रही सुरंग निर्माण के द्वौरान किया जा डम्प किया जा रहा चट्टानी मलबा स्थल का निरीक्षण किया गया । कार्यदायी संस्था द्वारा मानको को धत्ता बताते हुए गदेरे को बन्द किया जा रहा है जिससे नगेड़ा , पौलगांव सहित तिलाड़ी की सिंचित भूमि को खतरा पैदा हो गया है । गदेरे मंे जो बड़े बडे पत्थर तो उसे भी जेसीबी मशीन द्वारा तुड़वाकर ठिकाने लगाया जा रहा है । इतना ही नही भारी ब्लास्ंिटग से आधा दर्जन परिवारों के आवासीय भवनों में दरारे आ गयी है । उन्होने कहा कि आॅल वैदर और सुरंग का भारी मलबा बरसात के मौसम में आम लोगों को परेशानी का सबब बन जायेगा । उन्होने कहा गदेरों के बन्द करने से पिछले दो सालो में तिलाड़ी की सिचिंत भूमि आधा तबाह हो गयी है और इस साल जो गदेरे (नाले) बन्द किये जा रहे है उससे भी नगेड़ा ,पौलगांव और बड़कोट गांव की भूमि को फिर से खतरा पैदा हो गया है। श्रीमती अनुपमा ने कहा कि विकास होना चाहिए परन्तु विनाश न हो इसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए।

  • Ground0ह

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