उत्तरकाशी : भद्दा मजाक ,अस्पताल से बिना उपचार के बच्चों को भेजा घर

उत्तरकाशी : भद्दा मजाक ,अस्पताल से बिना उपचार के बच्चों को भेजा घर

फोटो- बिना उपचार के लौटा बच्चा व उसका पिता

नेशनल हेल्थ मिशन  के तहत स्कूलों से बीमार बच्चों को निशुल्क उपचार के लिए भेजा जाता है अस्पताल
बड़कोट।

केन्द्र सरकार जहां सरकारी विघालयों में बीमार बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य उपचार के लिए स्कूल स्वाथ्य टीम के माध्यम से बड़े अस्पतालों मंे उपचार के लिए भेजने के लिए कार्य कर रही वही देहरादून में नेशनल स्कूल स्वास्थ्य मिशन के तहत आये दो बच्चों के साथ भद्दा मजाक हुआ चिकित्कों ने महज औपचारिक खानापूर्ति कर बिना उपचार चलायें बच्चों व उनके परिजनों को घर भेज दिया है। बड़कोट से वृहस्पतिवार को स्कूल स्वास्थ्य टीम द्वारा डाण्डागांव और स्यालना गांव के दो नन्हे बच्चों को उपचार हेतु देहरादून कोरोनेशन अस्पताल भर्ती कराया था परन्तु चिकित्सकों ने बिना उपचार किये दोनो को घर लौटा दिया । दोनो परिजन पूर्ण इलाज न मिलने से खासे आक्रोशित हैं।
मालुम हो कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्कूल मिशन के तहत बीमार बच्चों को निशुल्क उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग अपने वाहन से देहरादून कोरोनेशनल अस्पताल में लाया जाता है जहां पर भर्ती कर गरीब बीमार बच्चों का उपचार किया जाता है।

ग्राम सभा डाण्डागांव से दिव्यांग रोगी दिव्याशंु पुत्र श्री उपेन्द्र सिंह और स्यालना निवासी कु. पलवी पुत्री श्री देशराज को स्कूल स्वास्थ्य टीम के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़कोट से देहरादून कोरोनेशन अस्पताल मंे भर्ती कराया गया । दिव्याशु के पिता उपेन्द्र सिंह ने बताया कि स्कूल स्वास्थ्य टीम द्वारा अपने वाहन से देहरादून भेजा गया वहां पर चिकित्सक ने उपचार के लिए पर्चा भी बनाया लेकिन एक महज दवा देकर हमे घर जाने के लिए कहा गया ,जबकि हमने निवेदन किया कि बच्चें का आॅपरेशन किया जाय , हम हर रिस्क लेने को तैयार है परन्तु चिकित्क द्वारा कोई उपचार करने की हामी नही भरी गयी , उन्होने बताया कि मेरा बच्चा मानसिक रूप से दिव्यांग है उसका अगर आॅपरेशन हुआ तो वह सही हो जायेगा , पर्चे पर सीटी के लिए लिखा था परन्तु कहा सीटी होगा उसको लेकर कुछ नही बताया गया और घर जाने को कहा गया और एक माह बाद दवाई लेने के लिए कहा गया । उन्होने मुख्यमन्त्री से अपने बच्चें का इलाज करने की गुहार लगाई है। इधर सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र नौगांव की प्रभारी और सीएमएस श्रीमती डा. निधि रावत ने दूरभाष पर बताया कि हमारी जिम्मेदारी स्वास्थ्य स्कूल टीम के माध्यम से लाये गये बच्चें को उपचार के लिए रैफर किया जाना होता है। देहरादून में कौन क्या करता है उसकी जिम्मेदारी हमारी नही है । उन्होने बताया कि स्कूल स्वास्थ्य टीम ही इस मामले में जानकारी रखती है।

  • Ground0

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