आस्था पर चोट:डांडा देवराणा मेले में हुआ विवाद, हजारों श्रदालु बिना मूर्ति दर्शन के लौटे ,

आस्था पर चोट:डांडा देवराणा मेले में हुआ विवाद, हजारों श्रदालु बिना मूर्ति दर्शन के लौटे ,

उत्तरकाशी ।

सैकड़ो वर्षो से आयोजित हो रहा पौराणीक पारम्परीक देवराणा मेला इस बार विवादित रहा , हजारों श्रद्वालु लुदरेश्वर देवता  की मूर्ति दर्शन के बीना लौट आये और इसके पीछे मंदिर समिति और पुजारियों के बीच मंदिर में चढ़ने वाला चढावा विवाद का कारण बना ।

मंदिर से किनारे बैठा पुजारियों का समूह
 , आपको बताते चले की 65 गांव के आस्था और विश्वास के आराध्य देवता लुदरेश्वर महादेव का देवदार के घने जंगल में भव्य  मन्दिर है और जिसका साल में एक बार विशाल मेला आयोजित होता है यहां पर 100 से अधिक गांव के ग्रामीण ही नही अन्य राज्य के लोग भी देव दर्शन और आलौकिक प्राकृतिक नजारों को निहारने पहुंचते है इस मेले में मुख्य आकृषण लुदरेश्वर महादेव की मूर्ति के दर्शन करने होते है लेकिन इस बार मन्दिर समिति के पदाधिकारियों ने डोली व मन्दिर दर्शन के दौरान चढ़ने वाला चढ़ावा पुजारियों को न देकर समिति अपने पास रखने का निर्णय किसी को रास नही आया , जिसका पुजारियों ने पूरजोर विरोध किया । मेले में इस वर्ष पुजा अर्चना तक नही हुई और डोली को सीधे मन्दिर परिक्रमा के बाद बजलाड़ी मन्दिर में ले जाया गया ।
 तिंया , देवलसारी और कण्डाउ गांव के ब्राहमण सैकड़ो ंसालो से पूजा अर्चना का दायित्व निभाते आ रहे है। हजारों की संख्या मं उमड़ा श्रद्वालुओं का जनसैलाब निराश होकर लौटा जिसका स्थानीय लोगो ने विरोध भी किया। इतना तक हुआ कि मन्दिर समिति और स्थानीय लोगों में हाथापाई तक हुई ।
लुद्रेश्वर देवता के पुजारियों के अध्यक्ष शांति प्रसाद कहते है की पौराणिक काल से हमारे बुजुर्ग लुद्रेश्वर देवता की पूजा अर्चना करते आ रहे है , आज तक श्रदालु जो भी चढ़ावा देते थे वह चार थान के पुजारी आपस में बाँट लेते थे , क्योकि पूरा जीवन देवता की सेवा में हम लोगो का लग गया है , पुरानी परमपरा को तोड़ते हुए मंदिर समिति ने हमारे हक़ को छिनने का प्रयास किया जिसका पुजारी समुदाय विरोध करता है , पहले जब पैसे नहीं चढ़ते थे तो श्रदालु धान या राशन देते थे आज राशन की जगह पैसे चढ़ावा देते है तो हमारे हक़ को क्यों छिना जा रहा है , इधर मंदिर समिति के अध्यक्ष जगमोहन परमार ने बताया की कमेटी का निर्णय हुआ है ,पुजारियों को नाराज नहीं होने दिया जायेगा बीच का रास्ता निकाल कर मामला सुलझा लिया जायेगा , इस वर्ष श्रदालु मूर्ति के दर्शन नहीं कर पाए इसका हमे खेद है ।
  • Ground0

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