ताे अब चमाेली जिले का सबसे दूरस्त सीमांत गांव घेस, हिमनी भी हुआ डिजिटल

ताे अब चमाेली जिले का सबसे दूरस्त सीमांत गांव घेस, हिमनी भी हुआ डिजिटल

  • संजय कुंवर / चमाेली

चमाेली जिले के अन्तिम दूरस्थ सीमांत गांव घेस, हिमनी में डिजिटल सेवा की शुरूवात हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को देहरादून से वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से राजकीय इन्टर काॅलेज घेस व जूनियर हाई स्कूल हिमनी के बच्चों से सीधे बात कर इंटरनेट सेवा का शुभांरभ किया। इंटरनेट सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लोग खासे उत्साहित व खुश है। विगत वर्ष अक्टूबर माह में सीमांत गांव के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घेस, हिमनी, बलाण गांव को डिजिटल गांव बनाने एवं क्षेत्र में बैलून टावर लगाने का वादा किया था।

मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजकीय इण्टर काॅलेज घेस व जूनियर हाई स्कूल हिमनी के बच्चों से सीधे वार्ता की। उन्होंने कहा कि घेस, हिमनी व बलाण क्षेत्र इंटरनेट सेवा से जुड़ने पर क्षेत्र के लोगों को इंटरनेट बैंकिग सुविधा का लाभ मिलेगा। इंटरनेट के माध्यम से जहाॅ स्कूली बच्चों को पढाई की सुविधा मिलेगी वही ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाऐं, उन्नत कृषि तकनीकी के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने बच्चों को इंटरनेट के माध्यम से गांव के किसानों की मदद करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क एवं इंटरनेट सुविधा से जुडने के बाद घेस, हिमनी व बलाण क्षेत्र में आने वाले तीन माह के भीतर विद्युत आपूर्ति भी बहाल कर दी जायेगी। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से क्षेत्र के विकास के लिए मन लगाकर पढाई करने तथा ग्रामीणों को उन्नत किस्म की मटर की खेती व शहद उत्पादन को बढावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शहद उत्पादन की भी प्रचुर सम्भावनाऐं है और आने वाले समय में शहद की सफाई, पैंकिग व मार्केटिंग की भी व्यवस्था करायी जायेगी, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में राइका घेस व जू0हा0 हिमनी के छात्रों ने इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। कक्षा 7 की छात्रा ललिता दानू ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी तथा क्षेत्र में बिजली न होने के कारण पढाई में खासी परेशानियों को सामना करना पडता है।

उल्लेखनीय है कि देवाल ब्लाक की घेस घाटी मटर व जड़ी बूटी उत्पादन के लिए मशहूर है। पिछले दो वर्षो से यहाॅ के काश्तकारों ने मटर की खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित करते हुए अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विगत अक्टूबर माह में घेस गांव का भ्रमण कर यहाॅ के किसानों का हौसला बढाते हुए उन्हें जड़ी बूटी उत्पादन के साथ-साथ मटर की खेती करने व शहद उत्पादन को बढावा देने के लिए प्रोत्साहित किया था। मुख्यमंत्री की पहल पर घेस और हिमनी के स्कूलों में के-यान पोर्टेबल मल्टीफंक्शनल डिवाईस भेजी गयी है। यह डिवाईस इंटरनेट से कनेक्ट होकर वीडियो कांफ्रेन्सिंग की सुविधा प्रदान करती है। इसके माध्यम से बाहरी केन्द्रों से शिक्षक बच्चों को पढा सकते है तथा रिर्काडेड शिक्षण सामग्री भी दिखा सकते है। घेस और हिमनी गांवों के इन स्कूलों में अभी सोलर पैनल के माध्यम से बिजली उपलब्ध करायी जा रही है।

वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि घेस में 156 परिवार में कुल जनसंख्या 794 है। वही हिमनी में 116 परिवारों में 550, मुन्दोली में 126 परिवारों में 972 तथा वाण में 259 परिवार में 1371 जनसंख्या निवासरत है। वर्तमान में यहाॅ बीपीएल श्रेणी के परिवारों की संख्या 102 है। घेस गंाव में कृषि के अन्तर्गत 76.675 है0, औद्यानिक के अन्तर्गत 40.00 है0, उद्यान के अन्तर्गत 26.00 है0, सब्जी के अन्तर्गत 14.00 है0 क्षेत्रफल है

वीसी में मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी इला गिरि, सीवीओ डा0 लोकेश कुमार, सीएमओ नरेन्द्र यादव सहित शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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