पुरोला : 11 साल का कथा वक्ता ,हजारो की भीड़ बनी गवाह ,श्रीमद् भागवत कथा

पुरोला : 11 साल का कथा वक्ता ,हजारो की भीड़ बनी गवाह ,श्रीमद् भागवत कथा

11 साल का बाल व्यास प.आयुष

सुनील थपलियाल /उत्तरकाशी।

 

‘‘होन हार पुत के होत चिकने पात‘‘ ,यह कहावत 11 साल के कथा वक्ता पर सैटीक बैठती है। उत्तराखण्ड में “कुदड़ी का एक लाल ‘ सनातन धर्म के प्रचार के लिए निकला हुआ है , दर्जनों कथाओं का प्रवचन कर चुके बाल व्यास प.आयुष कृष्ण नयन महाराज की आजकल पुरोला नगर पचंायत में श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। हजारों की संख्या में श्रद्वालु कथा का श्रवण करने और बाल व्यास को देखने आ रहे है। बाल व्यास देश के भीतर गौ माताओं के साथ हो रहे अत्याचार से कुठिंत है और बुजूर्ग माता पिताओं के साथ हो रहे गलत आचरण को लेकर चिन्तित है। बाल व्यास चाहते है कि सड़को पर आवारा घुम रही गायों के लिए गौशाला और घर से निकाले गये बुजूर्ग माता पिताओं के लिए वृद्वा आश्रम बनाये जाने की जरूरत है।

बाल व्यास प.आयुष महाराज

मालुम हो कि देश में वैसे तो सैकड़ों कथा वक्ता सनातन धर्म के प्रचार में विभिन्न कथाओं का प्रवचन करते है। परन्तु बाल व्यास की खुबसूरती और उनके कन्ठ से निकलती श्रीमद् भागवत कथा की वाणी सभी का मन मोह ले रही है। हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्वालु इस बात के गवाह है कि बाल व्यास की संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा को अपने कंठ की मधुर वाणी से उन्होने सभी के दिलों मेें जगह बना ली है। दरअसल बाल ब्यास प.आयुष आठ साल की उम्र से श्रीमद्भागवत कथा करते आ रहे है। नौगांव ब्लाक के मुलनिवासी बाल व्यास के पिता एक शिक्षक है और वे चाहते है कि देश में गौ माताओं के साथ हो रहे अत्याचार को कम करते हुए गौशालाओं का निर्माण किया जाया साथ ही बुजूर्ग माता पिताओं के लिए वृद्वा आश्रम बनाये जाय। बाल व्यास के पिता बताते है कि जब आयुष का जन्म हुआ वह गौशाला में हुआ और 21 दिनों तक वह गायों के बीच में ही रहे उसके बाद कई अद्भूत वृतान्त बाल व्यास के जीवन में हुए जिसके बाद कथा प्रवचन करने का मन हुआ और वृंद्वावन में कथा वक्ता का ज्ञान अर्जित किया । इधर पुरोला में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के लिए हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्वालु कथा का श्रवण करने आ रहे है और सभी बाल व्यास को देखने व उनको सुनने के बाद आस्था मेें डुबकी लगा रहे है। आयोजक चन्द्रभुषण बिजल्वाण, बलदेव असवाल , चन्द्रशेखर नौटियाल , हरी सिंह नेगी, लोकेन्द्र सिंह , उपेन्द्र सिंह असवाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बाल व्यास प0आयुष महाराज के बारे में काफी सुना हुआ था और आज बाल ब्यास को देख भी लिया और उनके कंठ से निकलने वाली श्रीमद् भागवत की कथा वाणी का प्रवचन मानो जीवन प्रयान्त सुनते ही रहना था।उन्होने बताया कि बाल व्यास के चेहरे पर जो चमक है , उसे देखकर भगवान श्रीकृष्ण के बालपन की अनुभूती होती है।

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