राफ्टिंग के नाम पर ऋषिकेश में फल फूल रहा है इललीगल राफ्टिंग का कारोबार

राफ्टिंग के नाम पर ऋषिकेश में फल फूल रहा है इललीगल राफ्टिंग का कारोबार

न सेफ्टी पर ध्यान न सुरक्षा की गारंटी  एक लइसेंस पर चल रही है १० १० ऱफ्तें  

अवैध राफ्टिंग का बढ़ता कारोबार दे रहा हादसों को न्योता 

विश्व के नक़्शे पर ऋषिकेश की व्हाइट  रिवर राफ्टिंग ने अपना विशेष स्थान बनाया है , लेकिन गंगा में हो रही इललीगल राफ्टिंग अब इस उद्योग  के लिए खतरा बनती जा रही है। गंगा में बहती रंग बिरंगी राफ्टें देखने में हर किसी का मन मोह लेती है और ऋषिकेश आने वाला हर पर्यटक रिवर राफ्टिंग करने के लिए लगातार बड़ी संख्या में देश और विदेश  से राफ्टिंग कंपनियों के पास पहुँचता है  बिना ये जाने की उसकी जान कितनी सुरक्षित है वो एक विस्वास के साथरोमांच  के इस खेल में उतर जाता है वास्तविकता में तो ऊपर से सब कुछ सामान्य सा लगता है लेकिन वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ अवैध और इल्लीगल राफ्टिंग को बढ़ावा देती है ।

जरा से मुनाफे की आड़ में  एक राफ्ट  के लाइसेंस धारि संचालक  पर्यटकों की जान की परवा न करते हुए अनट्रेंड गाइडो के सहारे १० – १०  राफ्टों  को गंगा में उतार देते है जिसपर जिमेदार प्रशासन की टीम कोई कार्यवाही नही कर पाती।
राफ्टिंग के रोमांच का मजा लेने देश विदेश से आने वाला पर्यटक राफ्टिंग संचालकों की हाथ की कठपुतली  बनता जाता है , ना वो जानने  की कोशिस  करता है कि सेफ्टी और मानकों का कितना ध्यान रखा जा रहा है , राफ्टिंग गाइड को सरकार की और से ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट मिला है या नही और राफ्टिंग एकुप्मेंट या सेफ्टी मानकों में खड़े उत्तर रहे है या नही उसे तो बस हर कीमत पर गंगा में राफ्टिंग का मजा लेना होता है ।

गंगा में वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुचते है जिससे राफ्टिंग संचालक सभी नियम ताक पर रख कर थोड़े पैसे के लालच में राफ्टो  पर ओवर लोडिंग शुरू कर देते है रैपिड पर संतुलन बिगड़ने से ये ओवर लोड राफ्ट पलट जाती है जिसमे सवार पर्यटक उतेजना और डूबने  के डर से जान गवा बैठता है ।

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