सरकार के दावे हवा हवाई, पटरी पर नही लौट सकी केदारघाटी

सरकार के दावे हवा हवाई, पटरी पर नही लौट सकी केदारघाटी

  • मधुसूदन जोशी / रुद्रप्रयाग

चार वर्षों मे नही बन पाये पैदल पुल। केदारधाम मे पुनर्निर्माण तक ही सीमित रही सरकार।

“हे विधाता हमून तेरू का बिगाड़ी “, प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने ना जाने यह गीत क्यों गुनगुनाया लेकिन आज भी कई लोगो के जीवन मे यह दर्द क़ायम है।

भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंगों मे केदारनाथ मे १६ जून २०१३ को आयी महाप्रलय ने कई घरों के चूल्हों मे पानी डाल दिया।

आज केदारनाथ आपदा के चार वर्ष पूरे हो चुके है लेकिन आजतक केदार घाटी के सैकड़ों गाँवों को जोड़ने वाले आठ झूला पुल नही बन सके, आज भी जनता ट्रालियो के सहारे आवागमन करने को विवश है। वही सरकार द्रारा आपदा प्रभावितो को मिलने वाली धनराशि नही मिल पायी है।

कई लोग आज भी मुआवज़े के लिए प्रशासन की परिक्रमा को लाचार है।

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