जोशीमठ : टीचर हो न हो पर बच्चे ज़रूर हो, वाह क्या मज़ाक है!

जोशीमठ : टीचर हो न हो पर बच्चे ज़रूर हो, वाह क्या मज़ाक है!

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सिंघम सर अध्यापकाें की कमी से रिजल्ट शून्य,ताे दाेषी कौन ???

विद्यालय में आठ साल से नहीं है अध्यापक.

स्कूली बच्चे पलायन को मजबूर.

वर्ष 2018में महज एक छात्रा हाईस्कूल बाेर्ड में शामिल,अनुतीर्ण.
पिछले तीन सालाें से यहा इसलिये एक भी बच्चा पास नही हाे पाया हाईस्कूल बाेर्ड में.
संजय कुंवर जाेशीमठ,
जी हां सूबे के शिक्षा महकमें में आजकल हडकम्प मचा है कि जिन विद्यालयाें का हाईस्कूल/इंटर का रिजल्ट खराब रहा हाे उन विद्यालयाें के शिक्षकाें एंव अधिकारियाें पर कार्यवाही की खबर के चलते सीमांत के कई दुर्गम विद्यालयाें में वर्षाे से विषम परिस्थितियाें में शिक्षण का कार्य कर रहे शिक्षकाें में आक्राेष हाेना लाजिमी है बता दें कि शिक्षा विभाग की रिपाेर्ट में हाईस्कूल किमाणा जाेशीमठ भी दर्ज है जहां विगत 3वर्षाें से एक भी विद्यार्थी दसवीं उतीर्ण नही हाे सका कारण अध्यापकाें की कमी बताया गया है, किमाणा गांव के ही युवा समाजसेवी प्रदीप भंडारी कहते है कि विद्यालय में आठ सालाें से हिन्दी, विज्ञान,अंग्रेजी विषयाें के अध्यापक नही है और नही प्रधानाचार्य ताे कैसे मिलेगा सही रिजल्ट और कैसे पढेंगे गांव में नाैनिहाल मजबूरी में गांव से बच्चाें के उज्जवल भविष्य हेतु लाेग बेराेेजगारी में भी पलायन कर रहे है।उर्गम घाटी से लेकर पल्ला किमाणा छेत्र के विद्यालयाें में वर्षाें से अध्यापकाें की कमी के चलते पठन पाठन कार्य प्रभावित हुआ ताे स्कूल से बच्चाें नें पलायन करना शुरु किया बात जाेशीमठ ब्लाक के दूरस्त गांव किमाणा की करें ताे इस गांव की खूबसूरत लाेकेसन पर स्थापित हाईस्कूल किमाणा में विषय अध्यापकाें की कमी के चलते यहां से स्कूली बच्चे पलायन करनें काे मजबूर है और विगत तीन सालाें से इस विद्यालय का रिजल्ट भी शून्य आ रहा है,इस वर्ष भी मात्र एक छात्रा नें हाईस्कूल की परीक्षा दी और वाे अनुतीर्ण हुई,हालाकिं अधिकारी इसे शिक्षकाें की कमी के चलते ऐसा हाेना मान रहे है। विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप मालिक की मानें ताे विगत कुछ सालाें से स्कूल में शिक्षकाें की कमी के चलते बच्चाें की संख्या में गिरावट आ रही है,जिसका असर नवीं दसवीं क्लास पर पडना लाजिमी है,अब इस वर्ष महज एक छात्रा नें बाेर्ड परीक्षा दी थी,बिना अध्यापक शिक्षण व्यवस्था कैसे सुधरेगी,विद्यालय से बिन अध्यापक पलायन ताे हाेगा ही।
ये है छात्र संख्या…… कक्षा 6 से 10तक,
वर्ष 2016—–21विद्यार्थी
वर्ष 2017—–24 विद्यार्थी
वर्ष 2018—-24 विद्यार्थी

ऐसे में सवाल ये उठता कि क्या सिंघम पांडे जी इस विद्यालय पर भी कार्यवाही करेंगे जाे दुर्गम विद्यालय खुद शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। ताे शिक्षा मंत्री जी अध्यापकाें काे भेजाेगे कि कार्यवाही कराेगे फैसला आपके हाथ में है। क्याेकि जीराे टाेलीरेंस की सरकार है।

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