आखिर किनसे चाहते हैं काश्तकार निजात ?

आखिर किनसे चाहते हैं काश्तकार निजात ?

- in आंदोलन
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काश्तकारों के सब्र का बांध टूटा.

आवारा पशुओ से तंग काश्तकारो ने पशुओ के साथ तहसील पर किया प्रदर्शन.

आवारा पशुओं से निजात दिलाने की करी मांग.

कण्डीसौड़ क्षेत्र के आवारा पशुओ से परेशान काश्तकारों ने आज तहसील कण्डीसौड़ मे पशुओ के साथ पहुँच पर तहसील का घेराव किया पिछले क ई दिनो से आवारा पशुओ से तंग काश्तकारो का सब्र का बांध टूट गया जिससे गुस्साये काश्तकारो ने आज सैकड़ो ं आवारा पशुओं के साथ तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही तहसील प्रशाशन से अपनी व फसलों की सुरक्षा की मांग करते हुए े आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की। काश्तकारो का कहना है कि
कण्डीसौड़ तहसील क्षेत्र के कण्डी,धरवालगाँव,सुनारगाँव,स्यांसू, नकोटखोली , जसपुर में दर्जनों आवारा पशु गाय,बछडे़, बैल, सांड आदि वि दिनभर घूमते रहते है जो किइ न गाँवों के कास्तकारों की फसल को चौबीसों घण्टे घात लगाकर चौपट करते रहते हैं।यहां तक की रात को गाँवों में घरों की गौशालाओं मे घुस कर चारा दाना चट कर जाते हैं।

 

साथ ही पालतु पशुओं पर हमला तक कर देते हैं। यह मामला विगत बीडीसी बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य धरवालगाँव बुद्धि सिंह बिष्ट ने्उठाते हुए तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया था। लेकिन इस ओर कोई ध्यान न दिया गया उसी के अनुरूप आज धरवालगाँव सुनारगाँव,स्यांसू के दर्जनों महिला पुरुष काश्तकारों ने क्षेत्र के सैकड़ो आवारा पशुओं को एकत्रित कर खदेड़कर तहसील मुख्यालय परिसर में लाए ग्रामीणों की मांग है की गांव के काश्तकार पहले तो जंगली जानवर सुअर बंदर आदि से फसल चौपट होने के कारण परेशान हाल हैं।अब आवारा पशुओं के आक्रामक रुख से फसलें न दिन को सुरक्षित है और ना रात को। घरों तक आवारा पशुओं के हमले हो रहे हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि पालतू गौचर पशुओं को टैग लगाकर चिन्हित किया जाय जिससे कोई अवारा न छोड़ पाए। आवारा पशुओं को पकड़ कर कांजी हाउस या गौशालाओं तक पहुंचाया जाए। जिससे लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिल सके। साथ ही राजस्व पुलिस प्रशासन इस बात पर नजर रखें कि कोई व्यक्ति अपने पशुओं को आवारा न छोड़ें। और यदि छोड़ता है तो उसे दंडित किया जाए। उक्त सभी मांगों को लेकर काश्तकारों द्वारा तहसीलदार को संबोधित ज्ञापन दिया।

तहसीलदार के जिला मुख्यालय गए होने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दिनेश चंद्र सेमवाल ने ज्ञापन लिया एवं आश्वासन दिया कि वह अभी इस पत्र को उचित माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित कर रहे हैं। काश्तकार समस्या समाधान की मांग को लेकर समाचार लिखे जाने तक आवारा पशुओं सहित धरने पर डटे हुए थे।

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