उत्तराखंड का वह पर्यटन स्थल जहां बर्फ देखने के भी पैसे लगते हैं

उत्तराखंड का वह पर्यटन स्थल जहां बर्फ देखने के भी पैसे लगते हैं

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● संजय कुंवर

यदि आपने इन दिनों देश के सबसे खूबसूरत शीतकालीन पर्यटन केंद्र औली घूमने का प्लान बना लिया है तो ध्यान रहे कि बजट जरा याद रखना होगा अब सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए औली के स्लोपों के चारों तरफ कहीं भी बर्फ का लुत्फ  उठाने या आवाजाही करने के एवज में पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों तक भारी भरकम शुल्क वसूलने का एक अनूठा प्रयास किया है।

जिसके चलते इन दिनों क्रीडा औली तापमान माइनस होने के बावजूद अचानक गरमा गया है होली में स्लोपो  में कहीं आवाजाही करने पर शुल्क ₹500 और प्रति पर्यटक ₹200 तक जीएमवीएन द्वारा शुल्क वसूला जा रहा है।

जिससे यहां का शांत वातावरण एक बार फिर से गरमाने लगा है पर्यटन सहित स्थानीय लोग सरकार और पर्यटन के महत्व में के इस ईस्ट इंडिया कंपनी जैसे तुगलकी फरमान का भारी विरोध कर रहे हैं पर्यटकों का कहना है कि देश का यह पहला ऐसा टूरिज्म प्लेस है जहां बर्फ में चलने तक का इतना भारी शुल्क वसूला जा रहा है ।

एक बार फिर जीएमवीएन और सरकार के फरमान के खिलाफ हल्ला बोलने के लिए लोग एकजुट होने लगे हैं हालांकि जीएमवीएन के अफसरानों का भी कहना है कि पर्यटक सचिव से आए आदेश का पालन किया जा रहा है ।

वहीं एडवेंचर एसोसिएशन जोशीमठ के अध्यक्ष विवेक पवार ने बताया कि वे वस्तु स्थिति का जायजा लेने और औली में ही डटे हुए हैं यदि इस प्रकार का कोई सरकारी फरमान सुबह के पर्यटन महकमे से जारी हुआ भी होगा तब भी इसका विरोध किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कहा यहां पर्यटकों के लिए पानी शौचालय मेडिकल से लेकर दूरसंचार तक की कोई व्यवस्था नहीं है साथ ही उन्होंने कहा कि बर्फ देखकर शुल्क वसूलने का बेहतरीन विचार आखिर किस अकल मंद अफसर के दिमाग में आया होगा यह सोचने की बात है वहीं जीएमवीएन के कर्मचारी भी आगे से आर्डर आने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
फिलहाल पर्यटन महकमा और जीएमवीएन कि इस शुल्क वसूली अभियान से औली की फिजाओं में बर्फ के बीच भी गर्माहट शुरू हो गई है।

● TEAM GROUND 0

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