उत्तरकाशी : यमुनोत्री धाम की अनदेखी , यात्रा हो सकती है प्रभावित

उत्तरकाशी : यमुनोत्री धाम की अनदेखी , यात्रा हो सकती है प्रभावित

 सुनील थपलियाल / उत्तरकाशी 

आगामी यमुनोत्री धाम की यात्रा को लेकर अभी से सवाल खड़े होने लगे है। नेशनल हाईवे में डबरकोट नासुर बना है तो यमुनोत्री धाम में आपदा से हुई तैस नैस का स्थाई हल नही खोजा जा सका हैै।

सरकार ने तीन सदस्यीय टीम से सर्वे करवाकर तीन दिन के भीतर आपदा से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट देने के साथ स्थाई हल किये जाने का दावा किया गया ।

परन्तु एक माह अधिक का समय बीतने के बाद भी न तो यमुनोत्री धाम में पैदल पुल ,स्नान कुण्ड सहित डबरकोट में वैकल्पिक मार्ग के लिए धनराशी स्वीकृत की गयी और न ही यमुनोत्री वासियों को विश्वास में लिया कि भविष्य में यमुनोत्री धाम सहित चार धाम की यात्रा सुगम एंव सरल होगी।

जिससे यमुनाघाटी के लोगों को आगामी यात्रा की चिन्ता अभी से सताने लगी है।
मालुम हो कि यमुनोत्री धाम में बादल फटने से पैदल पुल सहित भारी नुकसान हुआ था इसके अलावा यमुनोत्री नेशनल हाईवे के ओजरी डबरकोट में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों की बजह से आम श्रद्वालुओं सहित स्थानीय लोगों को भारी दिक्कत आ रही है डबरकोट एनएच के लिए नासुर बना हुआ है।

राष्ट्रीय राज मार्ग जहां डबरकोट में स्थाई हल के लिए करोड़ो का आंगणन तैयार कर भारत सरकार को भेज चुका है वही उत्तराखण्ड सरकार से लोनिवि और पीएमजीएसवाई विभाग को ओजरी त्रिखली से वैकल्पिक मार्ग के लिए महज 6 करोड़ की जरूरत का आंगणन भेज चुका है ।

डबरकोट में पहाड़ी से पत्थर गिरने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग से यात्रा को सुचारू रखने की मन्शा फिलहाल दिखती नजर नही आ रही है।

भले ही यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत द्वारा सरकार के सम्मुख यमुनोत्री धाम में हो रही दिक्कत को कई बार रखा गया जिसके बाद मुख्यमन्त्री ने तीन सदस्यीय कमेटी को स्थलीय निरीक्षण के लिए यमुना घाटी भेजा हुआ था और कमेटी को तीन दिन के भीतर सरकार को  धाम सहित डबरकोट की विस्तृत रिपोर्ट देनी थी परन्तु एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी राज्य सरकार ने यमुनोत्री धाम में पैदल ब्रीज और स्नान कुण्ड के लिए कोई धनराशी भेजी और न ही डबरकोट में वैकल्पिक मोटर मार्ग की धनराशी स्वीकृत की ।

जो कही न कही यमुनोत्री धाम की अनदेखी और अगले वर्ष यात्रा को बाधिक करने के लिए काफी है। यमुनोत्री क्षेत्र के समाजसेवी अरविन्द रावत , भगत सिंह , खिलानन्द उनियाल , आशिष , गिरीश , चैन सिंह सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि बादल फटने के बाद से यमुनोत्री धाम में व्यवस्थाओं की भारी कमी आ गयी है , आम श्रद्वालु जंहा पहले लोहे के ब्रीज से आसानी से यमुना मन्दिर के दर्शन कर लेता था वह दिक्कत अब बढ़ गयी है ।

आपदा से भारी नुकसान यमुनोत्री धाम में हुआ है , सरकार से उम्मीद है कि यमुनोत्री में पैदल पुल , स्नान घाट सहित गेस्ट हाउस का बनाया जाना जरूरी है।

साथ ही डबरकोट में वैकल्पि मोटर मार्ग का जल्द निर्माण । यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने बताया कि सरकार के सम्मुख यमुनोत्र धाम का मामला रखा हुआ है

और बरसात की बजह से कार्य शुरू नही हो पाया अब उम्मीद है कि यमुनोत्री धाम का ट्रींटमैन्ट शुरू कर दिया जायेगा। ताकी भविष्य में तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न आये।

  • Ground0 

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