उत्तरकाशी : जीवन मृत्यु के बीच झूलती जिन्दगी ,आखिर जिम्मेदार कौन ?

उत्तरकाशी : जीवन मृत्यु के बीच झूलती जिन्दगी ,आखिर जिम्मेदार कौन ?

-ओवरलोडिंग को मात देता ये वाहन -फोटो-सुनील थपलियाल

सुनील थपलियाल उत्तरकाशी ।

पहाड़ी क्षेत्रों में मोटर मार्गो की हालत से आप लोग भली भांती वाखिब हैं उपर से जीवन- मृत्यु  के बीच झुलती जिन्दगी , सोचिये आखिर इसका जिम्मेदार कौन.?… । यमुनाघाटी में राष्ट्रीयराज मार्ग के अलावा गांव को जोड़ने वाले मोटर मार्गो पर आये दिन ये कारनामे देखने को मिल ही जायेगें । परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को देख भले ही ये वाहन कुछ समय के लिए जैसे गायब हो जाते हो पर उसके बाद हर रोज ओवरलोडिंग का सिलसिला जारी रहना सरकारी व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिन्ह तो लगाता है।
मालुम हो कि सीमान्त जनपद उत्तरकाशी में गांवों को जोड़ने वाले दर्जनों लिंक रोड़ पहले तो खस्ताहाल के साथ बड़े संकरे है उसके बाद उपर से ओवर लोडिंग करते वाहनों की आवाजाही बड़े हादसें को न्यौता देने के लिए काफी है। परिवहन विभाग का कार्यालय उत्तरकाशी होने से और परिवहन अधिकारी  का यमुनाघाटी में कम दौरा होना भी ओवर लोडिंग करते वाहनों पर नकेल न कस पाने के लिए मद्दगार साबित हो रहा है इतना जरूर है कि इन मोटर मार्गो पर प्रशासन या पुलिस के वाहन गुजरते ही ओवरलोडिंग करने वाले सभी वाहन गायब से हो जाते है , उस दौरान आम मुसाफिरों को पैदल ही मोटर मार्ग को नापना पड़ता है। इतना ही नही कई वाहनों के पास तो जरूरी दस्तावेज तक पुरे नही है। स्थानीय निवासी सुमेर , सुमित , नवीन , ललीत , शुभंम कहते कि यमुनाघाटी के अधिकत्तर गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्गो पर ओवरलोड़िंग करते वाहन आवाजाही करते है। क्षेत्र मंे बस सेवा संचालित नही होती है तो आम मुसाफिरों का उक्त वाहनांे में आवाजाही करनी पड़ती है। सरकार गांव गांव को बनी रोडों पर बस सेवा लगा दे तो ओवरलोडिंग का सिलसिला भी समाप्त हो जायेगा। परिवहन अधिकारी उत्तरकाशी ने बताया कि विभाग द्वारा समय समय पर चैकिंग अभियान चलाये जाते है , इसमें पुलिस और प्रशासन का सहयोग भी लिया जाता है । अगर कोई वाहन ओवरलोडिंग करता हुआ पाया जायेगा तो उस पर विभाग कड़ाई से कार्यवाही करता है

  • Ground0 टीम 

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